कविताएँ

आपकी मुसकुराहट

जो मुसकुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा
जो चल रहा है, उसके पांव में छाला होगा
बिना संघर्ष के इंसान चमक नहीं सकता, यारों
जो जलेगा उसी दिए में तो, उजाला होगा|
उदास होने के लिए उम्र पड़ी है,
नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है,
अपनी हंसी को होंठों से ना जाने देना!
क्योंकि आपकी मुस्कुराहट के पीछे
दुनिया पड़ी है….

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