बेपनाह आरजू थी दिल में – Hindi Shayari

बेपनाह आरजू थी दिल में|
मेरा दिल प्यार तुझी से करता था||

फुर्सत हो या न हो|
वक्त चुराने को दिल करता था||

देर तलक चौराहे पर|
राह निहारने को जी करता था||

एकतरफा था प्यार मेरा|
पर दिल न समझाये समझता था||

याद है मुझको आज भी|
जब वक्त तेरी गलियों में गुजरता था||

तेरी वीराने से छज्जे पे|
हर साया भी तुझ सा ही लगता था||

बेपनाह आरजू थी दिल में|
मेरा दिल प्यार तुझी से करता था||

लिख नाम तुम्हारा कागज पे|
ये दिल के अरमानों को बुनता था||

तन्हाई के हर आलम को|
दिल तेरे एहसासों से ही भरता था||

धड़कन धड़कन थमती साँसे|
मैं बस एक नज़र को तड़पता था||

है आज भी तुझसे प्यार मुझे|
जितना कल भी तुझ से करता था।||

बेपनाह आरजू थी दिल में|
मेरा दिल प्यार तुझी से करता था||

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