Month: February 2017

Feb 12 2017

ख़ामोश भी है जुबान – Very Touching Hindi Poem

ख़ामोश भी है जुबान, समझने लगा हूँ, किताबो के संग, चेहरे भी पढने लगा हूँ, अब शायद जिंदगी समझ आ गयी है मुझको, वक़्त बे वक़्त साथ उसके चलने लगा हूँ, कौन जाने किसके मुक़द्दर मै क्या है “भावनाथ”!! मै तो अपना मुक़द्दर खुद लिखने चला हूँ, मै तो अपना मुक़द्दर खुद लिखने चला हूँ!! […]

Feb 12 2017

क्या इतनी अजनवी हो गयी है सूरत हमारी….

क्या इतनी अजनवी हो गयी है सूरत हमारी , क्यों आईना भी मुझसे अब आँखें नहीं मिलाता|| -भावनाथ

Feb 12 2017

अदा भी है , सादगी भी है …

अदा भी है, सादगी भी है| लाजबाब हुश्न है, आवारगी भी है| कभी खुद को आईने  मै देखो, तो जानोगे| क्या भावनाथ को तुमसे मोहब्बत है, और नाराजगी भी है|| -भावनाथ

Feb 08 2017

महज दो साँस की दूरी पे जिंदगी और मौत है…

महज दो साँस की दूरी पे जिंदगी और मौत है| आज सफर ख़ुशनुमा तो कल परेशानी बहुत है|| दो पल में बदलते हालात क्यों ग़फ़लत में जिए| बाद बस रह जाएंगे जो भी अफसाने है किए|| बेवज़ह की तू तू मैं मैं से क्यों मन में खोट है| जी ले हँसी ख़ुशी तो यही हासिल […]

Feb 08 2017
Eklavya Story in Hindi

एकलव्य (EKLAVYA): एक अनोखे शिष्य की अनोखी गुरुदक्षिणा

दोस्तों गुरु (Teacher) शिष्य (student) और गुरुदक्षिणा ये तीन शब्द ऐसे हैं जो की हर इंसान अपने जीवन काल में एक बार जरूर सुनता है, और शायद हर कोई इसका अनुसरण भी करता है । गुरु वो जो अपने ज्ञान के उजाले से हमारे जीवन को प्रकाशित करता है, और शिष्य वो जो गुरु के […]

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