Month: February 2017

ख़ामोश भी है जुबान – Very Touching Hindi Poem

ख़ामोश भी है जुबान, समझने लगा हूँ, किताबो के संग, चेहरे भी पढने लगा हूँ, अब शायद जिंदगी समझ आ गयी है मुझको, वक़्त बे वक़्त साथ उसके चलने लगा

अदा भी है , सादगी भी है …

अदा भी है, सादगी भी है| लाजबाब हुश्न है, आवारगी भी है| कभी खुद को आईने  मै देखो, तो जानोगे| क्या भावनाथ को तुमसे मोहब्बत है, और नाराजगी भी है||

महज दो साँस की दूरी पे जिंदगी और मौत है…

महज दो साँस की दूरी पे जिंदगी और मौत है| आज सफर ख़ुशनुमा तो कल परेशानी बहुत है|| दो पल में बदलते हालात क्यों ग़फ़लत में जिए| बाद बस रह

Eklavya Story in Hindi

एकलव्य (EKLAVYA): एक अनोखे शिष्य की अनोखी गुरुदक्षिणा

दोस्तों गुरु (Teacher) शिष्य (student) और गुरुदक्षिणा ये तीन शब्द ऐसे हैं जो की हर इंसान अपने जीवन काल में एक बार जरूर सुनता है, और शायद हर कोई इसका