Monthly Archive:: December 2016

क्रोध एक नकारात्मक भाव है-What is Anger?

क्रोध एक नकारात्मक भाव है। क्रोध हर व्यक्ति को आता है, किसी को कम तो किसी को ज्यादा। खासकर, वर्तमान की तनाव भरी जीवनशैली में क्रोध आने के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इस पर नियंत्रण रखना  जरूरी होता है। अनियंत्रित होने पर क्रोध विनाशकारी हो जाता है और इसके हमेशा बुरे परिणाम सामने

शादी क्या होती है – Funny Jokes

शादी क्या होती है? यह समझने के लिए ….. एक वैज्ञानिक ने शादी कर ली…. . अब उसको समझ नही आ रहा कि!!!!!!!!!!!!!!!! . . . . . विज्ञान क्या होता है…!!!😂😂😀😂😂😀😂😂😀😂😂😀 😂😂😀

संता की टांगें नीली पड़ गईं Very Funny Joke of Santa

Santa and Doctor Jokes.. संता की टांगें नीली पड़ गईं|😂😂 . डॉक्टर – “जहर है, काटनी पड़ेंगीं||😂😂 संता की टांगें काटकर नकली लगा दी गईं 😂😂 दो दिन बाद नकली टांगें भी नीली पड़ गईं 😂😂 . डॉक्टर – “अब बीमारी समझ में आई … जीन्स रंग छोड़ती है …. 😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂

गजब परिवार Funny Jokes in Hindi

गजब परिवार एक परिवार मे ५ बहने थीं, एक का नाम था -: टूटेली 😶 दूसरी का नाम -: फटेली 😋 तीसरी का नाम -: सङेली 😡 चौथी का नाम -: म़रेली 😵 पांचवी का नाम :- भुतनि 👻 एक दिन उनके घर पर लड़की देखने के लिये मेहेमान आए !! मम्मी ने पूछा, आप कुर्सी पर

माना हर किसी के हाथ में दुआ भी – Hindi Shayary

माना हर किसी के हाथ में दुआ भी और पत्थर भी| पर हर दिलों दिमाख पे तेरी फितरत का असर भी|| नीव की गहराई ही हर इक इमारत की बुलंदी है| सोचने वाले क्या सोचे जब सोच ख़ुद की गन्दी है|| गर तुम्ही ने बोयें है जमीं में बारूद के मंजर| जुबाँ मीठी पर रहे

एक थी निर्भया….

16 दिसंबर को आप आमंत्रित हैं ! हमारी मुहिम “एक थी निर्भया” के नाटक मंचन पर l मेरे द्वारा लिखित और निर्देशित ये नाट्क 16 दिसंबर 2012 की उस घटना को आधार बनता है,जिसने हमारे समाज के उस चेहरे को दिखया है जो बहुत बर्बरतापूर्ण गंदी सोच का नतीजा है , उसका हर दिन कोई

मैं हैरान था मैं बेहद परेशान था – Very Touching Poem in Hindi

मैं हैरान था मैं बेहद परेशान था| जिंदगी के हर मोड़ इम्तहान था|| वक्त के साथ बदलते हुए हालात| दिन पे दिन एक नये मुश्किलात|| आज जिन्हें देख कर घबराता हूँ| अपनी ही परछाई से कतराता हूँ|| बेबस ख़ुद को हारा हुआ पाता हूं| ये सोच असमंजस में पड़ जाता हूं|| कैसे घर की हर

तेरे करीब आते आते मैं-Shayari in Hindi

तेरे करीब आते आते मैं ख़ुद से ही दूर हो गया हूँ| तू दिल की चाहत, हाले दिल मज़बूर हो गया हूँ|| न मिली तेरी तबज़्ज़ो न कभी ख्याल मेरा आया| तुझे भुलाना भी जो चाहा ये दिल भुला न पाया|| Written By : Neeraj Saxena

यूँ ही पेड़ कहाँ उगते है, बीज ही रोपे जाते है – Motivational Poem in Hindi

यूँ ही पेड़ कहाँ उगते है, बीज ही रोपे जाते है| <br> जो अंधकार भू के सीने से अँकुरित हो जाते है||<br><br> स्वतः कुछ पाने की चाहत करना ही बेकार है|<br> यदि धैर्य धरो तो जीवन में सब कुछ साकार है||<br><br> घाव उधेड़े ही भरता है वरना सेते तो नासूर है|<br> हो समय से शल्य

दो चार बार हम जो कभी हँस-हँसा लिए – Hindi Shayri

दो चार बार हम जो कभी हँस-हँसा लिए| सारे जहाँ ने हाथ में पत्थर उठा लिए|| रहते हमारे पास तो ये टूटते जरूर| अच्छा किया जो आपने सपने चुरा लिए|| चाहा था एक फूल ने तड़पे उसी के पास| हमने खुशी के पाँवों में काँटे चुभा लिए|| सुख, जैसे बादलों में नहाती हों बिजलियाँ| दुख,
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