Month: December 2016

एक थी निर्भया….

16 दिसंबर को आप आमंत्रित हैं ! हमारी मुहिम “एक थी निर्भया” के नाटक मंचन पर l मेरे द्वारा लिखित और निर्देशित ये नाट्क 16 दिसंबर 2012 की
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मैं हैरान था मैं बेहद परेशान था – Very Touching Poem in Hindi

मैं हैरान था मैं बेहद परेशान था| जिंदगी के हर मोड़ इम्तहान था|| वक्त के साथ बदलते हुए हालात| दिन पे दिन एक नये मुश्किलात|| आज जिन्हें देख
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यूँ ही पेड़ कहाँ उगते है, बीज ही रोपे जाते है – Motivational Poem in Hindi

यूँ ही पेड़ कहाँ उगते है, बीज ही रोपे जाते है| <br> जो अंधकार भू के सीने से अँकुरित हो जाते है||<br><br> स्वतः कुछ पाने की चाहत करना
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